है प्रीत जहाँ की रीत सदा
मैं गीत वहां के गाता हूँ
भारत का रहनेवाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ
काले गोरे का भेद नहीं
...हर दिल से हमारा नाता है
कुछ और न आता हो हमको
हमें प्यार निभाना आता है
जिसे मान चुकी साऱी दुनिया
मैं बात वही दोहराता हूँ
भारत का रहने वाला हूँ...: .जय-हिंद,जय-भारत
मैं गीत वहां के गाता हूँ
भारत का रहनेवाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ
काले गोरे का भेद नहीं
...हर दिल से हमारा नाता है
कुछ और न आता हो हमको
हमें प्यार निभाना आता है
जिसे मान चुकी साऱी दुनिया
मैं बात वही दोहराता हूँ
भारत का रहने वाला हूँ...: .जय-हिंद,जय-भारत
हिचकियों से एक बात का पता चलता है,
ReplyDeleteकि कोई हमे याद तो करता है,
बात न करे तो क्या हुआ,
कोई आज भी हम पर कुछ लम्हे बरबाद तो करता है
ज़िंदगी हमेशा पाने के लिए नही होती,
हर बात समझाने के लिए नही होती,
याद तो अक्सर आती है आप की,
लकिन हर याद जताने के लिए नही होती
महफिल न सही तन्हाई तो मिलती है,
मिलन न सही जुदाई तो मिलती है,
कौन कहता है मोहब्बत में कुछ नही मिलता,
वफ़ा न सही बेवफाई तो मिलती है
कितनी जल्दी ये मुलाक़ात गुज़र जाती है
प्यास भुजती नही बरसात गुज़र जाती है
अपनी यादों से कह दो कि यहाँ न आया करे
नींद आती नही और रात गुज़र जाती है
उमर की राह मे रस्ते बदल जाते हैं,
वक्त की आंधी में इन्सान बदल जाते हैं,
सोचते हैं तुम्हें इतना याद न करें,
लेकिन आंखें बंद करते ही इरादे बदल जाते हैं
its. me .....कभी कभी दिल उदास होता है
हल्का हल्का सा आँखों को एहसास होता है
छलकती है मेरी भी आँखों से नमी
जब तुम्हारे
दूर होने का एहसास होता है
फूलो से कह दो महकना बंद कर दे, की उनकी महक की कोई जरूरत नही.... सितारो से कह दो चमकना बंद कर दे, की उनकी चमक की कोई जरूरत नही.... भवरो से कह दो अब ना गुनगुनाये,
फूलो से कह दो महकना बंद कर दे, की उनकी महक की कोई जरूरत नही.... सितारो से कह दो चमकना बंद कर दे, की उनकी चमक की कोई जरूरत नही.... भवरो से कह दो अब ना गुनगुनाये, की उनकी गुंजन की कोई जरुरत नही.... सागर की लहरे चाहे तो थम जाये, की उनकी भी कोई जरुरत नही.... सुरज चाहे तो ना आये बाहर्, की उसकी किरणो की भी जरुरत नही.... चाँद चाहे तो ना चमके रात भर, की उसके आने की भी जरुरत नही.... वो जो आ गये हैं इस जहाँ में, तो दुनिया मे और किसी खूबसूरती की जरुरत ही नही लब्ज आप दो गीत हम बनायेंगे ... मंजील आप पाओ रास्ता हम बनायेंगे ...
ReplyDeleteUM OTIMO DOMINGO PRA VC PRINCESA , UM BEIJÃO DESTE AMIGO QUE TANTO TI ADORA , LEVE TENHA UMA VIDA MUITO FELIZ ABENÇOADA POR DEUSSSSSSSS
ReplyDeleteमैंने दिल से कहा, ढून्ढ लाना ख़ुशी
ReplyDeleteनासमझ लाया गम, तो यह गम ही सही
कभी है इश्क का उजाला
कभी है मौत का अँधेरा
बताओ कौन बस होगा
...मैं जोगी बनू या लुटेरा
कई चेहरे है इस दिल के
नजाने कौनसा मेरा
मैंने दिल से कहा ढून्ढ लाना ख़ुशी
नासमझ लाया गम, तो यह गम ही सही
हज़ारों आइसे फासले थे
जो तै करने चले थे
राहे मगर चल पड़ी थी
और पीछे हम रह गए थे
कदम दो चार चल पाए
किये फेरे तेरे मन के...........
एक लड़की थी जो अंधी थी .जिस वजह से उससे कोई दोस्ती नहीं करता था ,लकिन एक लड़का
ReplyDeleteथा जो उसका दोस्त था और हर मोड़ पर साथ देता था. उसको कभी महसूस नहीं होने देता था
कि वो अंधी है .इस वजह से लड़की बहुत खुश रहती थी ,एक दिन लड़की ने कहा अगर मैं देख
सकती तो तुमसे शादी कर लेती .
कुछ दिनों के बाद किसी ने उस लड़की को अपनी ऑंखें
दान कर दी और लड़की देखने लगी .तब उस लड़की ने देखा कि वो लड़का जो उसका साथ देता
था वो अँधा है .फिर उस लड़के ने उस लड़की से पूछा कि क्या अब तुम मुझसे शादी करोगी
तो लड़की ने कहा "नहीं, मैं तुमसे शादी नहीं करुँगी" .
इस पर वो लड़का
मुस्कुराया और उस लड़की के हाथ मैं एक कागज देकर हमेशा-हमेशा के लिए उससे दूर चला
गया .
उस कागज मे लिखा था . TAKE CARE OF MY EYES
Only For Unmarried.
ReplyDeleteJis Se Ap Pyar Krte Ho Us Se Shadi K Kitne % Chance Hain.
Koi Ek Select Karen.
A,
B,
S,
N,
E,
F,
T,
Y,
R,
K.
Reply Mst
------
Answer is
A...00%
B...50%
S...100%
N...90%
E...10%
F...75%
T...05%
Y..60%
R...98%
K...20%.
सच है, नहीं ठिठोली है
ReplyDeleteचेहरों पर रंगोली है
देश देश में गाँव गाँव में
होली है भई होली है
पत्रिकाओं में अखबारों में
गली गली में चौबारों में
हम मस्तों की टोली है
होली है भई होली है
कहीं रंग है कहीं भंग है
बड़ी उमंग में कहीं चंग है
मौसम भी हमजोली है
होली है भई होली है
कहीं राग है कहीं फाग है
चौरस्ते होलिका आग है
ठंडाई भी घोली है
होली है भई होली है
धूप धूप में छाँह छाँह में
हर अंजुरी हर एक बाँह में
गुझिया पूरनपोली है
होली है भई होली है
ऋतुओं पर ठहरा गुलाल है
रंग रंगा हर नौनिहाल है
कोयल कूहू बोली है
होली है भई होली है
नया घाघरा नई कुर्तियाँ
नये पजामे नई जूतियाँ
चूड़ी चुनरी चोली है
होली है भई होली है
mãe
ReplyDeleteEu não ouvi-lo, Lori,
Irá cantar
não perca
No entanto, sabendo como
De minha garganta
Você é dado para fora.
Feche o seu sonho olhos
O que deve ser
A
mas eu
Olhos abertos
Vê-los.
Minha cabeça
Você deve ter inalado
Minha mãe!
Ele não se importa
mas
Minha Roma - Roma
Seus ostras surge.
seu apego
Será preenchido com a capacidade
A paixão com
meu Jivnaskti
Isso diz.
e
Mãe!
Muitas vezes você
Escondido - escondido no
Eu encontrei para ser
eu
perpétuo
Seu oculto - oculto
Um grito;
A - um grito;
मां
ReplyDelete(1)
बेटा /बेटी के होने पर
नारी माँ का दर्जा पा जाती है.
फिर सारे जीवन भर उनपर
ममता -रस बरसाती है ,
शोर शराबों वाले घर में
चुप होकर सब कह जाती है
कर त्याग तपस्या परिवार में
मां मौन साधिका बन जाती है
लगे भूख जब बच्चों को मां
सब्जी -रोटी बन जाती है
धूप लगी जो बच्चों को
मां छांव सुहानी हो जाती है .
ग़र मर भी जाए तो
हर मूरत में नज़र जाती है
झूठ -फरेब की दुनिया में
मां बडी जरूरत बन जाती है.
मां जीवन में ही समग्र
चेतन परमेश्वर बन जाती है
मां के अलावा कहीं ना मिलता
तभी तो ईश्वर कह्लाती है.
तपते मरु में ,राहत देती
ReplyDeleteमाँ बरगद -सी छांव है .
दरिया- से उफनते जीवन में
मां ,पार लगाती नाव हैं
उबड-खाबड राहों पर
माँ छोटी -सी पगडंडी है
भूखे ,छोटे बच्चों के लिए
माँ चूल्हे पर पकती हंडी है
खारे पानी की दुनिया में
माँ ,मीठे पानी का झरना है
हौले से समझाती मां
लेकिन नहीं किसी से डरना है.
झांसा-फरेबों की दुनिया में
मां भोर का उलियारा है
हर बच्चे के लिए
मां का रूप जहाँ से न्यारा है.
दुनिया का ये रूप दिनों दिन
मां से ही निखरता जाता है
ढूंढों ना कहीं तुम ईश्वर को
वो मां में ही मिल जाता है
माँ
माँ
ReplyDeleteनि:शब्द है
वो सुकून
जो मिलता है
माँ की गोदी में
सर रख कर सोने में
वो अश्रु
जो बहते है
माँ के सीने से
चिपक कर रोने में
वो भाव
जो बह जाते है अपने ही आप
वो शान्ति
जब होता है ममता से मिलाप
वो सुख
जो हर लेता है
सारी पीड़ा और उलझन
वो आनन्द
जिसमे स्वच्छ
हो जाता है मन .................................................. .....
.................................................. ...
माँ
ReplyDeleteरास्तों की दूरियाँ
फिर भी तुम हरदम पास
जब भी
मैं कभी हुई उदास
न जाने कैसे?
समझे तुमने मेरे जज्बात
करवाया
हर पल अपना अहसास
और
याद हर वो बात दिलाई
जब
मुझे दी थी घर से विदाई
तेरा
हर शब्द गूँजता है
कानों में संगीत बनकर
जब हुई
जरा सी भी दुविधा
दिया साथ तुमने मीत बनकर
दुनिया
तो बहुत देखी
पर तुम जैसा कोई न देखा
तुम
माँ हो मेरी
कितनी अच्छी मेरी भाग्य-रेखा
पर
तरस गई हूँ
तेरी
उँगलिओं के स्पर्श को
जो चलती थी मेरे बालों में
तेरा
वो चुम्बन
जो अकसर करती थी
तुम मेरे गालों पे
वो
स्वादिष्ट पकवान
जिसका स्वाद
नहीं पहचाना मैंने इतने सालों में
वो मीठी सी झिड़की
वो प्यारी सी लोरी
वो रूठना - मनाना
और कभी - कभी
तेरा सजा सुनाना
वो चेहरे पे झूठा गुस्सा
वो दूध का गिलास
जो लेकर आती तुम मेरे पास
मैने पिया कभी आँखें बन्द कर
कभी गिराया तेरी आँखें चुराकर
आज कोई नहीं पूछता ऐसे
?
तुम मुझे कभी प्यार से
कभी डाँट कर खिलाती थी जैसे