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Sunday, July 24, 2011

है प्रीत जहाँ की रीत सदा
मैं गीत वहां के गाता हूँ
भारत का रहनेवाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ
काले गोरे का भेद नहीं
...हर दिल से हमारा नाता है
कुछ और न आता हो हमको
हमें प्यार निभाना आता है
जिसे मान चुकी साऱी दुनिया
मैं बात वही दोहराता हूँ
भारत का रहने वाला हूँ...: .जय-हिंद,जय-भारत

12 comments:

  1. हिचकियों से एक बात का पता चलता है,
    कि कोई हमे याद तो करता है,
    बात न करे तो क्या हुआ,
    कोई आज भी हम पर कुछ लम्हे बरबाद तो करता है

    ज़िंदगी हमेशा पाने के लिए नही होती,
    हर बात समझाने के लिए नही होती,
    याद तो अक्सर आती है आप की,
    लकिन हर याद जताने के लिए नही होती

    महफिल न सही तन्हाई तो मिलती है,
    मिलन न सही जुदाई तो मिलती है,
    कौन कहता है मोहब्बत में कुछ नही मिलता,
    वफ़ा न सही बेवफाई तो मिलती है

    कितनी जल्दी ये मुलाक़ात गुज़र जाती है
    प्यास भुजती नही बरसात गुज़र जाती है
    अपनी यादों से कह दो कि यहाँ न आया करे
    नींद आती नही और रात गुज़र जाती है

    उमर की राह मे रस्ते बदल जाते हैं,
    वक्त की आंधी में इन्सान बदल जाते हैं,
    सोचते हैं तुम्हें इतना याद न करें,
    लेकिन आंखें बंद करते ही इरादे बदल जाते हैं

    its. me .....कभी कभी दिल उदास होता है
    हल्का हल्का सा आँखों को एहसास होता है
    छलकती है मेरी भी आँखों से नमी
    जब तुम्हारे
    दूर होने का एहसास होता है


    फूलो से कह दो महकना बंद कर दे, की उनकी महक की कोई जरूरत नही.... सितारो से कह दो चमकना बंद कर दे, की उनकी चमक की कोई जरूरत नही.... भवरो से कह दो अब ना गुनगुनाये,

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  2. फूलो से कह दो महकना बंद कर दे, की उनकी महक की कोई जरूरत नही.... सितारो से कह दो चमकना बंद कर दे, की उनकी चमक की कोई जरूरत नही.... भवरो से कह दो अब ना गुनगुनाये, की उनकी गुंजन की कोई जरुरत नही.... सागर की लहरे चाहे तो थम जाये, की उनकी भी कोई जरुरत नही.... सुरज चाहे तो ना आये बाहर्, की उसकी किरणो की भी जरुरत नही.... चाँद चाहे तो ना चमके रात भर, की उसके आने की भी जरुरत नही.... वो जो आ गये हैं इस जहाँ में, तो दुनिया मे और किसी खूबसूरती की जरुरत ही नही लब्ज आप दो गीत हम बनायेंगे ... मंजील आप पाओ रास्ता हम बनायेंगे ...

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  3. UM OTIMO DOMINGO PRA VC PRINCESA , UM BEIJÃO DESTE AMIGO QUE TANTO TI ADORA , LEVE TENHA UMA VIDA MUITO FELIZ ABENÇOADA POR DEUSSSSSSSS

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  4. मैंने दिल से कहा, ढून्ढ लाना ख़ुशी
    नासमझ लाया गम, तो यह गम ही सही
    कभी है इश्क का उजाला
    कभी है मौत का अँधेरा
    बताओ कौन बस होगा
    ...मैं जोगी बनू या लुटेरा
    कई चेहरे है इस दिल के
    नजाने कौनसा मेरा
    मैंने दिल से कहा ढून्ढ लाना ख़ुशी
    नासमझ लाया गम, तो यह गम ही सही
    हज़ारों आइसे फासले थे
    जो तै करने चले थे
    राहे मगर चल पड़ी थी
    और पीछे हम रह गए थे
    कदम दो चार चल पाए
    किये फेरे तेरे मन के...........

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  5. एक लड़की थी जो अंधी थी .जिस वजह से उससे कोई दोस्ती नहीं करता था ,लकिन एक लड़का
    था जो उसका दोस्त था और हर मोड़ पर साथ देता था. उसको कभी महसूस नहीं होने देता था
    कि वो अंधी है .इस वजह से लड़की बहुत खुश रहती थी ,एक दिन लड़की ने कहा अगर मैं देख
    सकती तो तुमसे शादी कर लेती .
    कुछ दिनों के बाद किसी ने उस लड़की को अपनी ऑंखें
    दान कर दी और लड़की देखने लगी .तब उस लड़की ने देखा कि वो लड़का जो उसका साथ देता
    था वो अँधा है .फिर उस लड़के ने उस लड़की से पूछा कि क्या अब तुम मुझसे शादी करोगी
    तो लड़की ने कहा "नहीं, मैं तुमसे शादी नहीं करुँगी" .
    इस पर वो लड़का
    मुस्कुराया और उस लड़की के हाथ मैं एक कागज देकर हमेशा-हमेशा के लिए उससे दूर चला
    गया .
    उस कागज मे लिखा था . TAKE CARE OF MY EYES

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  6. Only For Unmarried.

    Jis Se Ap Pyar Krte Ho Us Se Shadi K Kitne % Chance Hain.

    Koi Ek Select Karen.
    A,
    B,
    S,
    N,
    E,
    F,
    T,
    Y,
    R,
    K.

    Reply Mst

    ------

    Answer is

    A...00%
    B...50%
    S...100%
    N...90%
    E...10%
    F...75%
    T...05%
    Y..60%
    R...98%
    K...20%.

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  7. सच है, नहीं ठिठोली है
    चेहरों पर रंगोली है
    देश देश में गाँव गाँव में
    होली है भई होली है

    पत्रिकाओं में अखबारों में
    गली गली में चौबारों में
    हम मस्तों की टोली है
    होली है भई होली है
    कहीं रंग है कहीं भंग है
    बड़ी उमंग में कहीं चंग है
    मौसम भी हमजोली है
    होली है भई होली है

    कहीं राग है कहीं फाग है
    चौरस्ते होलिका आग है
    ठंडाई भी घोली है
    होली है भई होली है
    धूप धूप में छाँह छाँह में
    हर अंजुरी हर एक बाँह में
    गुझिया पूरनपोली है
    होली है भई होली है

    ऋतुओं पर ठहरा गुलाल है
    रंग रंगा हर नौनिहाल है
    कोयल कूहू बोली है
    होली है भई होली है
    नया घाघरा नई कुर्तियाँ
    नये पजामे नई जूतियाँ
    चूड़ी चुनरी चोली है
    होली है भई होली है

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  8. mãe
    Eu não ouvi-lo, Lori,
    Irá cantar
    não perca
    No entanto, sabendo como
    De minha garganta
    Você é dado para fora.

    Feche o seu sonho olhos
    O que deve ser
    A
    mas eu
    Olhos abertos
    Vê-los.


    Minha cabeça
    Você deve ter inalado
    Minha mãe!
    Ele não se importa
    mas
    Minha Roma - Roma
    Seus ostras surge.

    seu apego
    Será preenchido com a capacidade
    A paixão com
    meu Jivnaskti
    Isso diz.
    e
    Mãe!
    Muitas vezes você

    Escondido - escondido no
    Eu encontrei para ser
    eu
    perpétuo
    Seu oculto - oculto
    Um grito;
    A - um grito;

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  9. मां
    (1)


    बेटा /बेटी के होने पर
    नारी माँ का दर्जा पा जाती है.
    फिर सारे जीवन भर उनपर
    ममता -रस बरसाती है ,

    शोर शराबों वाले घर में
    चुप होकर सब कह जाती है
    कर त्याग तपस्या परिवार में
    मां मौन साधिका बन जाती है

    लगे भूख जब बच्चों को मां
    सब्जी -रोटी बन जाती है
    धूप लगी जो बच्चों को
    मां छांव सुहानी हो जाती है .

    ग़र मर भी जाए तो
    हर मूरत में नज़र जाती है
    झूठ -फरेब की दुनिया में
    मां बडी जरूरत बन जाती है.

    मां जीवन में ही समग्र
    चेतन परमेश्वर बन जाती है
    मां के अलावा कहीं ना मिलता
    तभी तो ईश्वर कह्लाती है.

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  10. तपते मरु में ,राहत देती
    माँ बरगद -सी छांव है .
    दरिया- से उफनते जीवन में
    मां ,पार लगाती नाव हैं
    उबड-खाबड राहों पर
    माँ छोटी -सी पगडंडी है
    भूखे ,छोटे बच्चों के लिए
    माँ चूल्हे पर पकती हंडी है
    खारे पानी की दुनिया में
    माँ ,मीठे पानी का झरना है
    हौले से समझाती मां
    लेकिन नहीं किसी से डरना है.
    झांसा-फरेबों की दुनिया में
    मां भोर का उलियारा है
    हर बच्चे के लिए
    मां का रूप जहाँ से न्यारा है.
    दुनिया का ये रूप दिनों दिन
    मां से ही निखरता जाता है
    ढूंढों ना कहीं तुम ईश्वर को
    वो मां में ही मिल जाता है

    माँ

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  11. माँ
    नि:शब्द है
    वो सुकून
    जो मिलता है
    माँ की गोदी में
    सर रख कर सोने में

    वो अश्रु
    जो बहते है
    माँ के सीने से
    चिपक कर रोने में

    वो भाव
    जो बह जाते है अपने ही आप

    वो शान्ति
    जब होता है ममता से मिलाप

    वो सुख
    जो हर लेता है
    सारी पीड़ा और उलझन

    वो आनन्द
    जिसमे स्वच्छ
    हो जाता है मन .................................................. .....
    .................................................. ...

    ReplyDelete
  12. माँ
    रास्तों की दूरियाँ
    फिर भी तुम हरदम पास

    जब भी
    मैं कभी हुई उदास

    न जाने कैसे?
    समझे तुमने मेरे जज्बात

    करवाया
    हर पल अपना अहसास
    और
    याद हर वो बात दिलाई

    जब
    मुझे दी थी घर से विदाई

    तेरा
    हर शब्द गूँजता है
    कानों में संगीत बनकर

    जब हुई
    जरा सी भी दुविधा
    दिया साथ तुमने मीत बनकर

    दुनिया
    तो बहुत देखी
    पर तुम जैसा कोई न देखा

    तुम
    माँ हो मेरी
    कितनी अच्छी मेरी भाग्य-रेखा

    पर
    तरस गई हूँ
    तेरी
    उँगलिओं के स्पर्श को
    जो चलती थी मेरे बालों में

    तेरा
    वो चुम्बन
    जो अकसर करती थी
    तुम मेरे गालों पे

    वो
    स्वादिष्ट पकवान
    जिसका स्वाद
    नहीं पहचाना मैंने इतने सालों में

    वो मीठी सी झिड़की
    वो प्यारी सी लोरी
    वो रूठना - मनाना
    और कभी - कभी
    तेरा सजा सुनाना
    वो चेहरे पे झूठा गुस्सा
    वो दूध का गिलास
    जो लेकर आती तुम मेरे पास
    मैने पिया कभी आँखें बन्द कर
    कभी गिराया तेरी आँखें चुराकर

    आज कोई नहीं पूछता ऐसे
    ?
    तुम मुझे कभी प्यार से
    कभी डाँट कर खिलाती थी जैसे

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